Easy (कारक) karak in Hindi Grammar for class 5 to 12

Learn Karak in Hindi with lots of Examples and exercise answers with PDF Worksheets. Including Karak ke bhed, Paribhasha, Udaharan, tricks with CBSE / NCERT syllabus. Read कारक अभ्यास from beginner to advanced level.

कारक किसे कहते हैं Hindi Karak ki Paribasha

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका ( संज्ञा या सर्वनाम ) सम्बन्ध सूचित हो, उस रूप को कारक कहते है। या जो भी क्रिया को करने में भूमिका निभाता है, वह कारक कहलाता है।

karak ke kitne bhed hote hain (karak ke bhed)

हिन्दी में आठ कारक है-
१. कर्ता कारक  २. कर्म कारक  ३. करण कारक  ४. सम्प्रदान कारक  ५. अपादान कारक  ६. सम्बन्ध कारक  ७. अधिकरण कारक  ८. सम्बोधन कारक  

हिन्दी की विभत्तियाँ Hindi ki Vibhakti

कारकों के बोध के लिए संज्ञा या सर्वनाम के आगे जो प्रत्यय लगाए जाते है उन्हें व्याकरण में विभत्तियाँ कहते है। हिन्दी कारकों की विभक्तियों के चिन्ह –

कारकविभत्तियाँ
कर्ता कारक (Nominative Case)ने
कर्म कारक (Objective case)को
करण कारक (Instrumental Case)से
सम्प्रदान कारक (Dative Case)को, के लिए
अपादान कारक (Ablative Case)से
सम्बन्ध कारक (Genitive Case)का, के, की, रा, रे, री
अधिकरण कारक (Locative Case)में, पै, पर 
सम्बोधन कारक (Vocative case)हे, अहो, अरे, अजी

कर्ता कारक Karta Karak in Hindi Grammar

वाक्य में जो शब्द काम करने वाले के अर्थ में आता है, उसे ‘कर्ता’ Karta Karak (Nominative Case) कहते है। दूसरे शब्दों में, जिस रूप से क्रिया (कार्य) के करने वाले का बोध होता है वह कर्ता कारक कहलाता है। इसका विभक्ति चिह्न ‘ने’ है।

कर्ता के ‘ने’ चिह्न का प्रयोग-

  • जब सयुंक्त क्रिया के दोनों खंड सकर्मक हो तो अपूर्णभूत को छोड़कर अन्य सभी भूतकालो में कर्त्ता के साथ ‘ने’ का प्रयोग होता है।
    परशुराम ने पढ़ाई की। नेहा ने उसे डाटा।
  • जब क्रिया सामान्य भूत, आसन्न भूत, पूर्ण भूत, संदिग्ध भूत और हेतुहेतुमद् भूत कालों के कर्मवाच्य में हो तो ‘ने’ का प्रयोग होता है।
    सामान्य भूत- केतन ने रोटी खायी।
    आसन्न भूत- केतन ने रोटी खायी है।
    पूर्ण भूत- केतन ने रोटी खायी थी।
    संदिग्ध भूत- केतन ने रोटी खायी होगी।
    हेतुहेतुमद् भूत- केतन ने क़िताब पढ़ी होती, तो उत्तर ठीक होता।
  • सामान्यतः अकर्मक क्रिया के साथ ‘ने’ का प्रयोग नहीं होता है। लेकिन कुछ ऐसी अकर्मक क्रियाएँ है, जैसे- खाँसना, थूकना, नहाना, छींकना जिनमें ‘ने’ चिह्न का प्रयोग होता है।
  • जब अकर्मक क्रिया सकर्मक बनती है, तब ‘ने’ का प्रयोग होता है।
    जैसे – उसने पत्र लिखा।

कर्त्ता कारक के उदहारण- karta karak examples in Hindi

  • शुभम ने संकल्प को मारा।
    ‘शुभम’ कर्त्ता है।
    ‘ने’ कर्ता कारक का विभक्ति चिह्न है।
    ‘मारा’ भूतकाल की क्रिया है।
  • नरेंद्र ने फुटबॉल खेली।
  • आपने बहुत अच्छा किया।
  • पुष्पा ने रीमा को पत्र लिखा।
  • नेहा ने पूरी किताब पढ़ ली।
  • कृष्ण ने सुदामा की सहायता की।

कर्म कारक Karm Karak in Hindi

क्रिया के कार्य का फल जिस पर पड़ता है, उसे कर्म कारक Karm Karak (Objective case) कहते है। इस कारक का चिह्न ‘को’ है। यदि कर्म निर्जीव हो तो ‘को’ का प्रयोग नहीं होता है। जैसे – रतन क़िताब पढ़ता है।

कर्म कारक के उदहारण- Karm karak examples in Hindi

  • सुरेश ने मच्छर को मारा।
    ‘मारा’ क्रिया है।
    ‘मच्छर’ कर्म है। मारने की क्रिया का फल ‘मच्छर’ पर पड़ा है। इसलिए ‘मच्छर’ कर्म कारक है।
  • रमेश ने सुरेश को बुलाया।
  • स्वाति ने पत्र लिखा।
    ‘लिखने’ की क्रिया का फल ‘पत्र’ पर पड़ा है। इसलिए ‘पत्र’ कर्म कारक है।
    ‘पत्र’ निर्जीव है, इसलिए कर्म कारक का चिह्न ‘को’ नहीं लगा है।
  • विशाल ने मोहन को बुलाया।
  • केशव तबला बजा रहा है।

करण कारक Karan Karak

वाक्य में जिस शब्द से क्रिया के सम्बन्ध का बोध हो, उसे करण कारक Karan Karak (Instrumental Case) कहते है। करण का अर्थ है साधन। वह साधन जिससे क्रिया होती है, उसे करण कहते है। इसका चिन्ह ‘से’ है। हिन्दी में करण कारक के अन्य चिह्न ‘से’, ‘द्वारा’, ‘के द्वारा’, ‘के जरिए’ इत्यादि है।

करण कारक के उदाहरण Karan Karak examples in Hindi

  • बालक गेंद से खेल रहे है।
    वाक्य में बालक खेलने का कार्य ‘गेंद’ से कर रहे है। इसलिए ‘गेंद से’ करण कारक है।
  • उसके द्वारा यह कहानी सुनी थी।
  • माँ ने भाई को चप्पल से मारा।
  • प्रशांत कंप्यूटर से गेम्स खेलता है।
  • हम नाक से सांस लेते हैं।
  • वह विदेश से लौटा है।

सम्प्रदान कारक sampradan karak

जब वाक्य में किसी को कुछ दिया जाए या किसी के लिए कुछ किया जाए यानी कर्त्ता जिसके लिए कुछ कार्य करता है, अथवा जिसे कुछ देता है तो उसे सम्प्रदान कारक sampradan karak (Dative Case) कहते है। हिन्दी में सम्प्रदान कारक के ‘को’, ‘के लिए’ चिह्न है।

सम्प्रदान कारक के उदाहरण sampradan karak examples in Hindi

  • उस आदमी ने अपने बच्चों के लिए सब कुछ किया।
    वाक्य में उस आदमी ने अपने ‘बच्चों के लिए’ सब कुछ किया। इसलिए ‘बच्चों के लिए’ सम्प्रदान कारक है।
  • भूखों को अन्न देना चाहिए।
  • सभी लेखकों को पुरस्करित किया।
  • नेहा ने स्नेहा को एक गिफ्ट खरीदा।
  • उसने सबकों को मिठाइयाँ दी।
  • मैं नेहाल के लिए केक बना रहा हूं।
  • आशा ने प्रतिमा को गाड़ी दी।

अपादान कारक Apadan Karak in Hindi Grammar

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से दूर होने, डरने, तुलना करने, निकलने का भाव प्रकट होता है, उसे अपादान कारक Apadan Karak (Ablative Case) कहते है। दूसरे शब्द में – जिसमें भय हो या भय के कारण जिससे रक्षा की जाती हो वह अपादान कारक है। हिन्दी में अपादान कारक का भी चिह्न ‘से’ है।

अपादान कारक के उदाहरण Apadan Karak examples in Hindi

  • पेड़ से फल गिरा।
    वाक्य में पेड़ से फल का गिरना ये बताता है की पेड़ से फल अलग हुआ है। इसलिए पेड़ अपादान कारक है।
  • उसके हाथ से केक निचे गिर गया।
    इस वाक्य में हाथ से केक गिरने का बोध हो रहा है। इसलिए यह अपादान कारक है।
  • हमारी पृथ्वी सूर्य से बहुत दूर है।
  • वह कुत्ते से डरता है।
  • शेर गुफा से बाहर आया।
  • चूहा बिल्ली से डरता है।

सम्बन्ध कारक Sambandh Karak

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से किसी अन्य शब्द के साथ सम्बन्ध या लगाव प्रतीत हो उसे सम्बन्ध कारक Sambandh Karak (Genitive Case) कहते है। संबंध कारक के चिह्न- का, के, की, रा, री, रे, ना, नी, रे।

सम्बन्ध कारक के उदाहरण Sambandh Karak examples in Hindi

  • यह मोहन का भाई है।
    वाक्य में ‘मोहन का भाई’ संबंध प्रकट हो रहा है। इसलिए यहाँ संबंध कारक है।
  • रतन का घर बहुत बड़ा है।
  • वह पवन की किताब है।
  • मेरी लड़की विदेश में पढ़ती है
  • यहाँ आपका लैपटॉप है।
  • स्वेता के पिता एक डॉक्टर हैं।
  • प्राची के बच्चे बुद्धिमान हैं।

अधिकरण कारक Adhikaran Karak Hindi Vyakaran

संज्ञा के जिस रूप की वजह से क्रिया के आधार का बोध हो उसे अधिकरण कारक Adhikaran Karak (Locative Case) कहते हैं। अधिकरण कारक के चिह्न मैं, पे, पर आदि। अधिकरण का अर्थ होता है – आधार या आश्रय। अधिकरण कारक में कहीं-कहीं के मध्य, के बीच, के भीतर आदि शब्दों का भी प्रयोग होता है।

अधिकरण कारक के उदाहरण Adhikaran Karak examples in Hindi

  • कमरे में टीवी रखा है।
    कमरे में अधिकरण कारक है। क्योंकि इसमें रखने की क्रिया के आधार का पता चलता है।
  • मैं कमरे में बैठा हैं।
  • महल में दीपक जल रहा है।
  • शेर उस गुफा के भीतर रहता है।
  • वसंत पार्क में खेल रहा है।
  • पेड़ पर पक्षी बैठे हैं।
  • मछली पानी में रहती है।
  • फ्रिज में ठंडा पानी है।

सम्बोधन कारक Sambodhak karak

संज्ञा के जिस रूप से किसी के पुकारने या संकेत करने का भाव पाया जाता है, उसे सम्बोधन कारक sambodhak karak (Vocative case) कहते है। सम्बोधन कारक की पहचान करने के लिए ! यह चिह्न लगाया जाता है। सम्बोधन कारक में अरे, हे, अजी, ओ, आदि का उपयोग होता है।

सम्बोधन कारक के उदाहरण Sambodhak karak examples in Hindi

  • अरे भैया ! रो क्यों रहे हो ?
  • बच्चों! अच्छी तरीके से पढ़ाई कर लो।
  • हे भगवान ! रक्षा करो हमारी।
  • भाइयो और बहनों ! नमस्कार।
  • अरे ! आप आ गये।
  • बाबूजी ! आप यहाँ बैठें।
  • अरे ! तुम इतने जल्दी कैसे आये

बहुविकल्पीय प्रश्न Karak Hindi Grammar Exercises

1. कारक के प्रकार कितने है-   A- ६       B- ४      C- ८        D- १०

2.  बाबूजी! तुम कहाँ हो? वाक्य में कौन-सा कारक है?   A- सम्बोधन   B- सम्बन्ध     C- सम्प्रदान

3. ‘पेड़ से बन्दर कूदा’, वाक्य में कौन-सा कारक है?   A- अधिकरण     B- अपादान    C- कर्ता

4. ‘वीरों ने देश के हेतु बलिदान दे दिया।’ में कौन-सा कारक है? A- सम्‍प्रदान   B- अपादान     C- संबंध

5. संप्रदान करक के चिन्ह पहचानिए-  A- का लिए       B- की लिए       C- के लिए

6. अधिकरण करक के चिन्ह पहचानिए-   A- में ,पर     B- मै ,मे  

7. जिसे देखता हूँ, वही स्वार्थी निकलता है’,कौनसा कारक है ?  A- संबंध     B- करण      C- अपादान  

8. बच्चा साँप को देखकर डर गया। वाक्य में कौन-सा कारक है –  A- सम्‍प्रदान   B- अपादान     C- करण

Karak Exercises with Answers

1.C 2.A 3.B 4.A 5.C 6.A 7.A 8.B

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